गूगल का एक बड़ा Google Play Store Update कदम , एंड्राइड डेवलपर की पहचान को Google Verification करेंगे अभी गूगल। मालीशियस और हानिकारक ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से दूर रखना गूगल का मुख्य उद्देश्य है । अभी दिनवा दिन फर्जी एप्स बनाकर डाटा चोरी फ्रॉड और यूजर्स की प्राइवेसी से समझौता करने के घटनाएं लगातार बढ़ती रहती है। इस लेख में हम गूगल के इस कदम का विस्तृत दूसरा सॉन्ग करेंगे। और समझेंगे कि फैसला एंड्रॉयड इकोसिस्टम के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
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Google Play Store Update :क्या जरूरी है डेवलपर की Google Verification ?
रिपोर्ट के मुताबिक 2010 की शुरुआत प्ले स्टोर पर लगभग 3.5 मिलियन से अधिक ऐप्स उपलब्ध थे। हर्षल समा मालवेयर और हानिकारक गतिविधियों के कारण इसमें से हजारों एप्स को हटाया जाता है।
उदाहरण के लिए देखें तो:
2.28 मिलियन एप्स को नियमों के उपलब्ध के कारण 2023 में प्ले स्टोर से हटाया गया था।
2024 में केवल सी देश से 1000+फर्जी लोन एप्स सामने आए जिन्होंने रुद्राक्ष से निजी डेटा और बैंक डिटेल्स चुराये।
ऐसी सारी घटनाओं को देखते हुए गूगल ने फैसला किया है की केबल एप्स की ही नहीं बल्कि डेवलपर की पहचान को अरे मेरे भाई क्या जाना चाहिए।
Google Play Store Update में Google Verification किन देशों में लागू होगा यह नियम?
गूगल इस पॉलिसी की शुरुआत कर देश से की है। आधिकारिक तौर पर गूगल ने सभी देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें”भारत, नाइजीरिया, केन्या, और इंडोनेशिया शामिल है”
- अक्सर कम लागत वाले स्मार्टफोन टारगेट किया जाता है।
- बड़ी संख्या में इंडिविजुअल डेवलपर काम करते हैं। इन देशों में साइबर सुरक्षा के मामले में चुनौतियां अधिक रहती है। और यहां डिजिटल अपराधों का स्तर भी ऊंचा है।
इसने सत्यापक प्रक्रिया के तहत डेवलपर को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके एप्स किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी वाले code और Malware से मुक्त है।
गूगल नया पहले से ही गूगल प्ले प्रोटेक्शन के माध्यम से एप्स की स्कैनिंग करता है। जो उपयोगकर्ताओं के डिवाइस पर मौजूद एप्स की नियमित गतिविधियां जांच करता रहता है।
गूगल ने कहा कि किसी से न केवल यूजर्स का डाटा सुरक्षित रहेगा बल्कि डेवलपर्स के लिए भी एक विश्व संयम मंच तैयार होगा।
Google Play Store Update में इन देशों के संदर्भ में कुछ प्रमुख कर्म पर गौर करते हैं:
1). भारत: 500 मिलियन से ज्यादा यूजर्स भारत में एंड्रॉयड इस्तेमाल करते हैं। और संख्या धीरे-धीरे बढ़ते जा रही है, किसी से डिजिटल अपराधों का स्तर भी ऊंचा है। ऐसे में मैलवेयर एप्स के माध्यम से डाटा चोरी और मृत्यु धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ी है। पहले से ही कुछ एप्स पर भारत में प्रतिबंध लगाया है जैसे कि Ablo App जिस ने भारत के नशे के साथ छेड़ छाड़ की थी। उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और सुनीश करने के लिए भारत में यह नीति बहुत मददगार होगी।
2). इंडोनेशिया: इंडोनेशिया में मोबाइल इंटरनेट ऑपरेटर की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है और यहां भी साइबर अपराधों का खतरा बहुत है। ऑनलाइन धोखाधड़ी और डाटा उल्लंघन की घटनाएं आम है। इसलिए गूगल का एक कदम यहां के उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करेगा।
3). नाइजीरिया और केन्या: नाइजीरिया में तो साइबर अपराधों का स्तर इतना ऊंचा है कि याहू याहू जैसे साइबर अपराधों का गाना माना जाता है। अफ्रीका के यह दो देश डिजिटल विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं लेकिन यहां साइबर सुरक्षा का ढांचा अभी कमजोर है।
गूगल के इस कदम का उद्देश्य इन देशों में स्पष्ट है : उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना और डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाना।

Google Play Store Update में कैसे काम करेगा नया मानक
Developers को एक बहुत चरणीय प्रक्रिया यानी मल्टी स्टेप प्रोसेस से गुजरना होगा। इस प्रक्रिया से सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक और विश्व सनी और डेवलपर ही गूगल प्ले स्टोर पर अप पब्लिश कर सकेंग
सत्यापन (Identity Verification): Developers उसको अपनी व्यक्तिगत आया संगठनात्मक समावेशन होगी, अधिकारी दस्तावेज जैसे कि पासपोर्ट, अपनी रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, यार टैक्स id, जमा करने होंगे। इसे काम मकसद एसएससी करना है कि डेवलपर कोई फर्जी व्यक्ति या संगठन नहीं है।
2). ऐप सिक्योरिटी स्कैन: एक पब्लिक करने से पहले उनके द्वारा एक गेंस सुरक्षित किया कान करेगा जिससे ऐसे कोड में मौजूद किसी भी प्रकार के Malware, Spyware, क्या फिर अनादर भावना को कोड का पता लगाया जाएगा।
3). नियमित ऑडिट: गूगल डेवलपर और उनके एप्स का नियमित ऑडिट करता रहेगा और अगर किसी ऐप में संदेश गतिविधि पाई जाती है तो उसे तुरंत गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया जाएगा।
4). उपयोगकर्ता शिकायतों पर कार्रवाई: यूजर्स की शिकायतों के आधार पर भी गूगल एप्स की जांच करेगा । अगर किसी ऐप को लेकर कई शिकायत है मिलती है तो गूगल उसकी गहन संख्या करेगा।
लाभ एवं प्रभाव: Google Play Store Update में डेवलपर और उपयोगकर्ताओं को क्या मिलेगा?
गूगल की इस नई सत्य पति नीति के पास उपयोगकर्ताओं और डेवलपर्स दोनों के लिए कई लाभ और सकारात्मक प्रभाव है।
उपयोगकर्ताओं को लाभ:
बेहतर सुरक्षा: उपयोगकर्ताओं को दुर्भावना पूर्ण एप्स से सुरक्षा मिलेगी। और उनके निजी डेटा चोरी होने की खतरा कम होगा और गूगल प्ले स्टोर पहले से ही यह सुनिश्चित कर लेता है की प्ले स्टोर के सभी ऐप्स सुरक्षित है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया इसे और मजबूत बनाएंगे।
विश्वसनीयता: यूजर्स को एप्स डाउनलोड करते समय वेरिफिकेशन एप्स के साथ अधिक विश्वास महसूस होगा। इससे एप्स स्टोर पर भरोसा बढ़ेगा।
कम धोखाधड़ी: फिशिंग अटैक्स, फाइनेंशियल फ्रॉड घटना में कमी आएंगे।
डेवलपर को लाभ:
भरोसेमंद प्लेटफार्म: सत्य की डेवलपर्स के लिए गूगल प्ले स्टोर एक भरोसमंद प्लेटफॉर्म बन जाएगा। डेवलपर अपने एप्स को सुरक्षित से पब्लिश कर सकते हैं।
बेहतर उपयोगकर्ता विश्वास: जब उपभोक्ताओं को पता चलने का की डेवलपर वेरीफाइड है तो वह ऐप को डाउनलोड करने में अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। इससे डेवलपर्स के ऐप्स के डाउनलोड बढ़ सकते हैं।
कम अनब्लॉकिंग समस्याएं: गलतियों के कारण एप्स को ब्लॉक कर दिया जाता था लेकिन अब वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद इस समस्या में कमी दिखाई देगी
व्यापक प्रभाव:
- डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूती से पूरी एंड्राइड ऐप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। और यूजर्स का डिजिटल भविष्य सुरक्षित रहेगा ।
- साइबर अपराध में कमी देखने को मिलेगा । दुर्भावना पूर्ण के ब्लॉक होने से साइबर अपराध पर भी अंकुश लगेगा।
गूगल के यह नीति न केवल यूजर्स और डेवलपर्स बल्कि पूरे डिजिटल समुदाय के लिए एक जीत साबित हो सकता है।
Google Play Store Update में भविष्य की राह Android ऐप इकोसिस्टम का भविष्य:
गूगल की यह नई वेरिफिकेशन नीति एंड्रॉयड ऐप इकोसिस्टम के भविष्य के लिए एक मजबूत अगर तैयार कर सकती है। आने वाले समय में हम निम्नलिखित बदलाव की उम्मीद कर सकते हैं।
ग्लोबल Expansion: अगर यह नीति चार देशों में ठीक से सफल रहती है तो गूगल इस दुनिया के अन्य देशों में भी लागू करने का प्रयास करेगा। इससे ग्लोबल स्तर पर एंड्राइड ऐप्स की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी ।
AI और मशीन लर्निंग का उपयोग: भविष्य में एप्स स्कैनिंग आई और मशीन लर्निंग टेक्निक से किया जाएगा और एडवांस्ड बना सकता है। किसी से दुर्भावना पूर्ण एप्स का पता लगाना और भी आसान हो सकता है।
उपयोगकर्ता जागरूकता: गूगल प्ले प्रोटेक्ट के माध्यम से यूजर्स को जागरूक करने का काम जारी रहेगा साथ में उन्हें सुरक्षित एप्स चुन ने में मदद मिलेगी और यूजर्स स्वयं भी एप्स की सुरक्षा जांच कर सकते हैं।
डेवलपर समुदाय का विकास: Verification प्रक्रिया के बाद डेवलपर्स का एक विश्वसनीय समुदाय तैयार होगा जो की उच्च गुणवत्ता वाले एप्स बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। इससे अप इकोसिस्टम गुणवत्ता में सुधार आएगा।
सरकारी नियमों के साथ तालमेल: भविष्य में गूगल सरकारों के साथ मिलकर काम कर सकता है और ऐप्स सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके। जैसे कि भारत में Ablo App को हटाने का निर्देश सरकार ने दिया था।
FAQs:
Q-1. गूगल एंड्रॉइड डेवलपर वेरिफिकेशन क्या है?
Ans- यह गूगल की नई पॉलिसी है जिसमें ऐप बनाने वाले सभी डेवलपर्स की पहचान (ID Proof, Address, Bank Details आदि) वेरिफाई की जाएगी ताकि फर्जी और खतरनाक ऐप्स को प्ले स्टोर से दूर रखा जा सके।
Q-2. यह नियम किन देशों में लागू होगा?
Ans- गूगल ने फिलहाल चार देशों में इसकी शुरुआत की है। रिपोर्ट्स के अनुसार इनमें भारत, ब्राज़ील, वियतनाम और इंडोनेशिया शामिल हैं।
Q-3. डेवलपर्स को वेरिफिकेशन के लिए क्या करना होगा?
Ans- डेवलपर्स को: फर्जी या डुप्लीकेट अकाउंट्स से बचना होगा and सरकार द्वारा जारी आईडी सबमिट करनी होगी and पते और बैंक डिटेल्स देनी होंगी।
निष्कर्ष: सुरक्षित डिजिटल भविष्य की और एक अगला कदम:
Google द्वारा 4 देश में एंड्रॉयड डेवलपर्स के वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाना एक सराहनीय कदम। इसके द्वारा यूजर को न केवल एप्स से सुरक्षा मिलेगी बल्कि डेवलपर्स के लिए भी एक विश्वसनीय मंच तैयार होगा।
यह एंड्रॉयड एप इकोसिस्टम के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार बनेगा। गूगल प्ले प्रोटेक्ट का उपयोग करके और केवल वेरीफाइड एप्स को डाउनलोड करके वह अपने डिवाइस को सुरक्षित रख सकते हैं। साथ में डेवलपर को भी इस नई प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए तैयार रहना चाहिए।
एक सुरक्षित डिजिटल भविष्य की और बढ़ाने के लिए गूगल डेवलपर और उपयोगकर्ताओं का सहयोग आवश्यक है। इसके साथ ही सरकारों और नियामक बॉडीज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। गूगल की यह नीति निषेध है डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम लिया है।