New OnePlus update को लेकर यूज़र्स के बीच चिंता तेज़ी से बढ़ रही है, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अपडेट हार्डवेयर लेवल पर Anti-Rollback Protection (ARB) को सक्रिय कर सकता है। इस बदलाव का सीधा असर उन यूज़र्स पर पड़ेगा जो bootloader unlock, कस्टम ROM या पुराने फर्मवेयर पर downgrade करना पसंद करते हैं। यदि ARB सक्षम हो गया, तो एक बार अपडेट करने के बाद पुराने सॉफ़्टवेयर पर लौटना लगभग असंभव हो सकता है,

और गलत स्टेप लेने पर डिवाइस permanently brick होने का भी खतरा रहेगा। यही वजह है कि New OnePlus update को लेकर टेक कम्युनिटी में सावधानी बरतने और अपडेट से पहले पूरी जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।

New OnePlus update क्या ला रहा है?

New OnePlus update को लेकर टेक कम्युनिटी में चर्चा तेज़ है, खासकर ColorOS 16.0.3.500, .501 और .503 बिल्ड्स के कारण। यह अपडेट Android 16 पर आधारित है और OnePlus 13, OnePlus 15 जैसे नए मॉडल्स को सीधे प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा बदलाव है हार्डवेयर-लेवल Anti-Rollback Protection (ARB) का लागू होना, जो एक बार इंस्टॉल होने के बाद पुराने सॉफ्टवेयर वर्जन पर downgrade या rollback को पूरी तरह ब्लॉक कर देता है।

अगर New OnePlus update इंस्टॉल होने के बाद लोअर रोलबैक इंडेक्स वाले किसी भी फर्मवेयर को फ्लैश करने की कोशिश की जाती है, तो डिवाइस के hard brick होने का गंभीर खतरा है। इस स्थिति में फोन केवल सॉफ्टवेयर से रिकवर नहीं हो पाएगा, और बिना motherboard replacement के कोई समाधान नहीं बचेगा।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सिक्योरिटी के लिहाज़ से भले ही मजबूत हो, लेकिन इससे OnePlus की वह पहचान कमजोर पड़ सकती है, जिसने ब्रांड को कभी power users और custom ROM lovers के बीच खास लोकप्रियता दिलाई थी। यही वजह है कि यूज़र्स को New OnePlus update इंस्टॉल करने से पहले इसके फायदे और जोखिम दोनों को समझना बेहद ज़रूरी हो गया है।

Google की आधिकारिक सिक्योरिटी गाइडलाइंस में ARB को एक जरूरी सुरक्षा उपाय बताया गया है, क्योंकि पुराने फर्मवेयर में कई बार ऐसे अनपैच्ड एक्सप्लॉइट्स मौजूद होते हैं जिनका इस्तेमाल हैकिंग या डेटा चोरी के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से कंपनियां नए अपडेट के साथ डाउनग्रेड को पूरी तरह ब्लॉक कर रही हैं।

हालांकि, यह नया OnePlus अपडेट सिक्योरिटी के लिहाज से मजबूत जरूर है, लेकिन इसके चलते यूजर्स की सॉफ्टवेयर आजादी सीमित हो जाती है। खासकर कस्टम ROM, टेस्टिंग या रिपेयर के शौकीन यूजर्स के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है। यही कारण है कि ARB को लेकर Right to Repair और यूजर कंट्रोल पर नई बहस तेज होती नजर आ रही है।

ARB कैसे काम करता है? (Anti-Rollback Protection Explained)

एंटी-रोल बैक प्रोटेक्शन (ARB) एक हार्डवेयर-लेवल सिक्योरिटी मैकेनिज़्म है, जो सॉफ्टवेयर स्टैक से नीचे काम करता है और डिवाइस को पुराने, असुरक्षित फर्मवेयर पर जाने से रोकता है। जैसे ही नया OnePlus अपडेट इंस्टॉल किया जाता है, ARB से जुड़ा हार्डवेयर फ्यूज स्थायी रूप से एक्टिव हो जाता है। इसके बाद अगर कोई यूजर पुराने फर्मवेयर पर डाउनग्रेड करने की कोशिश करता है, तो डिवाइस परमानेंट ब्रिक हो सकता है।

अगर इसकी तुलना Samsung Knox से करें, तो OnePlus का ARB कहीं ज्यादा सख्त नजर आता है। Knox आमतौर पर सिर्फ वार्निंग देता है या वॉरंटी को प्रभावित करता है, जबकि OnePlus में गलत डाउनग्रेड सीधे फोन को बंद कर सकता है। Google की सिक्योरिटी गाइडलाइंस ARB को जरूरी मानती हैं, क्योंकि पुराने फर्मवेयर में अनपैच्ड एक्सप्लॉइट्स और क्रिटिकल सिक्योरिटी रिस्क हो सकते हैं।

हालांकि, यह मजबूत सुरक्षा यूजर्स की सॉफ्टवेयर फ्रीडम को सीमित भी करती है। कस्टम ROM, मैनुअल डाउनग्रेड या रिपेयर के विकल्प घटने से Right to Repair जैसी बहसें और तेज हो सकती हैं। कुल मिलाकर, नया OnePlus अपडेट ARB के जरिए सिक्योरिटी को प्राथमिकता देता है, लेकिन इसकी कीमत यूजर कंट्रोल में कमी के रूप में चुकानी पड़ती है।

प्रभावित डिवाइसेस और अपडेट स्टेटस

नया OnePlus Update फिलहाल OnePlus 13 और OnePlus 15 पर केंद्रित है, लेकिन इसका प्रभाव OnePlus 11, OnePlus 12 और अन्य OxygenOS यूजर्स तक भी देखने को मिल सकता है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, OxygenOS 16 का रोलआउट Nord CE 4 के लिए शुरू हो चुका है, जिसमें एडवांस्ड AI फीचर्स, बेहतर परफॉर्मेंस और स्मूद एनिमेशन्स शामिल हैं। हालांकि, इसी के साथ नया ARB (Anti-Rollback Protection) रिस्क भी सामने आया है, जो पुराने वर्ज़न पर डाउनग्रेड को सीमित कर सकता है।

भारत में OnePlus 12 को हाल ही में OxygenOS 15.0.0.860 अपडेट मिला है, जो सिस्टम स्टेबिलिटी और परफॉर्मेंस में सुधार लाता है। वहीं, नया OnePlus Update ARB इंटीग्रेशन के साथ सिक्योरिटी पैचेस को और मजबूत कर रहा है। जनवरी 2026 में OnePlus Nord 4 के लिए जारी किया गया 1.51GB का सिक्योरिटी अपडेट इस बात का संकेत है कि कंपनी अब बड़े और ज्यादा सुरक्षित अपडेट्स की रणनीति अपना रही है।

सिक्योरिटी बनाम यूजर फ्रीडम: New OnePlus update कितना सही?

New OnePlus update जहां एक तरफ डिवाइस सिक्योरिटी को पहले से ज्यादा मजबूत बनाता है, वहीं दूसरी ओर यह मोडर्स और पावर यूजर्स के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ColorOS आधारित बिल्ड्स में अब ARB (Anti-Rollback Protection) पूरी तरह लाइव हो चुका है, जिससे डाउनग्रेड अटैक्स तो रुकेंगे, लेकिन पुराने या कस्टम फर्मवेयर पर लौटना लगभग असंभव हो जाएगा।

OnePlus कम्युनिटी में लगातार यह चर्चा तेज हो रही है कि इस नए OnePlus अपडेट के साथ bootloader फ्रीडम पर खतरा बढ़ गया है। कई अनुभवी यूजर्स चेतावनी दे रहे हैं कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो OnePlus की वही पहचान—जो डेवलपर-फ्रेंडली और कस्टम ROM सपोर्ट के लिए जानी जाती थी—धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है।

हालांकि, कुछ टेक एक्सपर्ट्स OxygenOS 16 को AI-सशक्त और भविष्य के लिए तैयार मानते हैं, जिसमें बेहतर प्राइवेसी, सिस्टम इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी लेयर्स शामिल हैं। लेकिन सच्चाई यह भी है कि नए OnePlus अपडेट की वजह से custom ROM installation और एडवांस मॉडिंग अब पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गई है।

OnePlus Update Alert: आंकड़े जो हर यूजर को जानने चाहिए

OnePlus के ग्लोबल लेवल पर लाखों एक्टिव यूजर्स हैं और कंपनी की अपडेट पॉलिसी के तहत नए स्मार्टफोन्स को 4–5 साल तक Android अपडेट्स का सपोर्ट मिलता है। ऐसे में 2026 में ARB (Anti-Rollback Protection) से जुड़ा नया OnePlus अपडेट बड़ी संख्या में डिवाइसेस को प्रभावित कर सकता है—खासतौर पर भारत जैसे मार्केट में, जहां कस्टमाइजेशन, कस्टम ROM और bootloader अनलॉकिंग काफी लोकप्रिय हैं।

हाल के दिनों में YouTube और टेक कम्युनिटी प्लेटफॉर्म्स पर कई एक्सपर्ट्स यूजर्स को चेतावनी दे रहे हैं कि नया OnePlus अपडेट बिना पूरी जानकारी के इंस्टॉल न करें, क्योंकि गलत फ्लैशिंग से डिवाइस ब्रिक होने का जोखिम बढ़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक OxygenOS 16 का रोलआउट बेहद तेज़ी से किया जा रहा है और यह अपडेट Nord CE 4 जैसे मिड-रेंज स्मार्टफोन्स तक पहले ही पहुंच चुका है।

आंकड़े बताते हैं कि लगभग 70% पावर यूजर्स bootloader अनलॉकिंग और एडवांस कस्टमाइजेशन पर निर्भर रहते हैं, जो इस New OnePlus update के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। यह ट्रेंड सिर्फ OnePlus तक सीमित नहीं है, बल्कि सैमसंग और अन्य एंड्रॉइड ब्रांड्स की अपडेट स्ट्रैटेजी की ओर भी इशारा करता है, जहां सिक्योरिटी और कंट्रोल बढ़ाने के लिए ऐसे फीचर्स तेजी से लागू किए जा रहे हैं।

यूजर्स के लिए सलाह

New OnePlus update से बचने के लिए सेटिंग्स में OTA अपडेट्स को पॉज करें। मोडर्स को मौजूदा फर्मवेयर पर रहना चाहिए, क्योंकि ARB एक्टिवेशन के बाद कोई रिवर्स नहीं। वॉरंटी चेक करें, क्योंकि अनलॉकिंग अब रिस्की है। नया OnePlus अपडेट इंस्टॉल करने से पहले कम्युनिटी फोरम्स जैसे OnePlus कम्युनिटी पढ़ें। यदि सिक्योरिटी प्राथमिकता है, तो अपडेट लें, लेकिन कस्टमाइजेशन चाहने वालों को अल्टरनेटिव ब्रांड्स सोचने चाहिए। नया OnePlus अपडेट भविष्य के अपडेट्स में ARB को और फैला सकता है, इसलिए सतर्क रहें।

OnePlus को ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करना चाहिए कि New OnePlus update कहां लागू होगा। OxygenOS ग्लोबली ARB को एक्सपैंड कर सकता है। यूजर्स को नया OnePlus अपडेट के रोलआउट को ट्रैक करना चाहिए। यह बदलाव टेक इंडस्ट्री में सिक्योरिटी vs फ्रीडम डिबेट को तेज करेगा।

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