Apple Pay India को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतज़ार अब खत्म होने की ओर है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple Pay India 2026 के अंत तक भारत में आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो सकता है। Apple फिलहाल RBI, प्रमुख भारतीय बैंकों और कार्ड नेटवर्क्स जैसे Visa और Mastercard के साथ लगातार बातचीत कर रहा है ताकि सभी जरूरी नियामक मंजूरियां हासिल की जा सकें।

शुरुआती चरण में Apple Pay India का फोकस NFC-आधारित टैप-टू-पे कार्ड पेमेंट्स पर रहेगा, जहां यूज़र्स अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को Apple Wallet से लिंक कर POS टर्मिनलों पर सुरक्षित और कॉन्टैक्टलेस भुगतान कर पाएंगे। हालांकि फिलहाल UPI इंटीग्रेशन प्राथमिकता में नहीं है, लेकिन आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से जोड़ने की संभावना जताई जा रही है।

भारत जैसे बड़े डिजिटल पेमेंट मार्केट में Apple Pay India की एंट्री यूज़र्स के लिए एक नया और प्रीमियम पेमेंट एक्सपीरियंस लेकर आ सकती है।

लॉन्च टाइमलाइन और अपडेट्स

Apple Pay India Launch को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple सितंबर 2026 में भारत के लिए Apple Pay की आधिकारिक घोषणा कर सकता है, जबकि इसका फुल लॉन्च 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, अगर वाणिज्यिक समझौते और शुल्क संरचना समय पर फाइनल हो जाती है, तो जून–जुलाई 2026 से शुरुआती रोलआउट शुरू किया जा सकता है। Apple ने पहले NPCI के साथ UPI इंटीग्रेशन पर बातचीत की थी, लेकिन TPAP लाइसेंस की जटिल प्रक्रिया के कारण कंपनी फिलहाल कार्ड-आधारित पेमेंट सिस्टम से शुरुआत करने की योजना बना रही है।

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खास बात यह है कि Apple Pay India के साथ Tap to Pay on iPhone फीचर भी लॉन्च होगा, जिससे iPhone खुद एक पेमेंट टर्मिनल की तरह काम करेगा। यह फीचर खासतौर पर छोटे व्यापारियों और डिजिटल पेमेंट यूजर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

भारतीय पेमेंट लैंडस्केप में चुनौतियां

भारत का डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम तेजी से UPI-केंद्रित बन चुका है। दिसंबर 2025 में UPI के जरिए रिकॉर्ड 21.63 अरब ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए, जो साल-दर-साल आधार पर 29% की मजबूत बढ़त को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में कुल डिजिटल पेमेंट्स का मूल्य 2026 तक लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें अकेले UPI की हिस्सेदारी 75% से भी अधिक रहने का अनुमान है।

ऐसे मजबूत माहौल में Apple Pay India के लिए सबसे बड़ी चुनौती UPI की वही खूबियां हैं, जिन्होंने इसे देश का सबसे भरोसेमंद पेमेंट प्लेटफॉर्म बनाया—फ्री, इंस्टेंट और सीधे बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर। इसके अलावा, भारत में NFC आधारित पेमेंट्स का सीमित उपयोग Apple Pay के बड़े पैमाने पर अपनाने में रुकावट बन सकता है।

हालांकि, तस्वीर पूरी तरह चुनौतीपूर्ण नहीं है। भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में iPhone की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता Apple Pay India के लिए नए अवसर खोल रही है। Q3 2025 में iPhone ने जहां 9% मार्केट शेयर हासिल किया, वहीं वैल्यू शेयर 28% तक पहुंच गया, जो प्रीमियम यूजर्स की मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है। यदि Apple Pay इस हाई-वैल्यू कंज्यूमर बेस को बेहतर सिक्योरिटी, प्रीमियम एक्सपीरियंस और इंटरनेशनल पेमेंट इंटीग्रेशन के साथ टारगेट करता है, तो वह UPI-डोमिनेटेड भारतीय डिजिटल पेमेंट बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

फायदे और प्रभाव

Apple Pay India लॉन्च होने पर iPhone और Apple Watch यूजर्स को एक नया, सुरक्षित और अल्ट्रा‑फास्ट टैप‑टू‑पे अनुभव मिलने वाला है। टोकनाइजेशन टेक्नोलॉजी के जरिए यूजर्स की कार्ड डिटेल्स कभी भी मर्चेंट के साथ शेयर नहीं होंगी, जिससे डिजिटल पेमेंट पहले से ज्यादा सुरक्षित बन जाएगा। भारत में तेजी से बढ़ते NFC एडॉप्शन और SoftPOS जैसे इनोवेटिव सॉल्यूशन्स के चलते छोटे‑बड़े मर्चेंट्स के लिए Apple Pay को अपनाना आसान होगा।

इससे न केवल iPhone की स्टिकीनेस बढ़ेगी, बल्कि इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन्स और ट्रैवल पेमेंट्स भी पहले से ज्यादा स्मूद होंगे। हालांकि, Apple Pay India के सामने शुल्क मॉडल और UPI इंटीग्रेशन की कमी जैसी चुनौतियां बनी रहेंगी, लेकिन प्रीमियम यूजर्स के लिए यह पेमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा गेम‑चेंजर साबित हो सकता है।

भविष्य की संभावनाएं

Apple Pay India 2026 के बाद UPI सपोर्ट जोड़ सकता है, जो Face ID से कन्फर्मेशन देगा। भारत के 70.9% इंटरनेट पेनेट्रेशन से डिजिटल पेमेंट्स 99.8% रिटेल ट्रांजेक्शन कवर करेंगे। Apple Pay India प्रीमियम सेगमेंट (29% YoY ग्रोथ) में घुसपैठ कर सकता है।

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