व्हाट्सएप ने बढ़ते साइबर खतरों को ध्यान में रखते हुए अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त बना दिया है। नई “स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स” सुविधा के जरिए कंपनी उपयोगकर्ताओं को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित अनुभव देने का दावा कर रही है। यह अपडेट अकाउंट हैकिंग, फिशिंग और अनधिकृत लॉग-इन जैसी समस्याओं से बचाव में मदद करेगा। Whatsapp Cyber Security को मजबूत करने पर फोकस करते हुए, इस फीचर में अतिरिक्त वेरिफिकेशन लेयर्स और स्मार्ट प्राइवेसी कंट्रोल्स जोड़े गए हैं, जिससे यूजर्स का डेटा और पर्सनल चैट्स पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेंगे।

व्हाट्सएप ने साइबर खतरों से निपटने के लिए अपनी सुरक्षा को मजबूत किया है। यह नई “स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स” सुविधा उपयोगकर्ताओं को उन्नत सुरक्षा प्रदान करती है।

Whatsapp Cyber Security का नया अपडेट

व्हाट्सएप ने यूज़र्स की डिजिटल सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए हाल ही में “Strict Account Settings” नामक एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है। यह नया फीचर साइबर फ्रॉड, फिशिंग और स्पाइवेयर जैसे खतरों से बचाव के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया है। Strict Account Settings के तहत अनजान नंबरों से आने वाले मीडिया फाइल्स और अटैचमेंट्स को ऑटोमैटिकली ब्लॉक कर दिया जाता है, जबकि अनजान कॉल्स साइलेंट हो जाती हैं और संदिग्ध लिंक के लिए लिंक प्रीव्यू पूरी तरह बंद रहता है।

इसके अलावा, व्हाट्सएप अब डिफ़ॉल्ट रूप से टू-स्टेप वेरिफिकेशन को एक्टिव करता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सिक्योरिटी नोटिफिकेशन अलर्ट भेजता है। यह नई व्हाट्सएप सिक्योरिटी अपडेट खासतौर पर पत्रकारों, पब्लिक फिगर्स और हाई-रिस्क यूज़र्स के लिए बेहद फायदेमंद है, जो टार्गेटेड और एडवांस साइबर अटैक्स का सामना कर सकते हैं।

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साइबर खतरों का बढ़ता प्रकोप

भारत में साइबर सिक्योरिटी घटनाओं में तेज़ उछाल ने डिजिटल यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में साइबर हमलों की संख्या 2022 में 10.29 लाख से बढ़कर 2024 तक 22.68 लाख तक पहुंच गई है। इस बढ़ते खतरे के बीच WhatsApp Cyber Security भी लगातार सवालों के घेरे में रही है।

हाल के वर्षों में “Ghost Pairing Attack” जैसी गंभीर कमजोरियां सामने आईं, जिनमें हैकर्स WhatsApp Web के ज़रिये यूजर्स के अकाउंट पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते हैं। इतना ही नहीं, 2025 में सामने आए एक बड़े API फ्लॉ के कारण लगभग 3.5 अरब यूजर्स का फोन नंबर, प्रोफाइल फोटो और मेटाडेटा लीक हुआ, जिसमें भारत के करीब 74.9 करोड़ यूजर्स प्रभावित बताए गए।

इसके अलावा, WhatsApp पर Zero-Click Attacks भी देखने को मिले, जहां बिना किसी लिंक पर क्लिक किए ही मैलिशियस मैसेज डिवाइस को हैक कर लेते थे। ये चौंकाने वाले आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि WhatsApp की साइबर सिक्योरिटी को और मजबूत बनाना अब सिर्फ ज़रूरत नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है, ताकि करोड़ों भारतीय यूजर्स का डिजिटल डेटा सुरक्षित रह सके।

Whatsapp Cyber Security नई सुविधाओं का विस्तृत विश्लेषण

Whatsapp Cyber Security को मजबूत करने वाली “स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स” में कई परतें हैं। प्राइवेसी सेटिंग्स में लास्ट सीन, ऑनलाइन स्टेटस, प्रोफाइल फोटो और अबाउट को केवल कॉन्टैक्ट्स तक सीमित कर दिया जाता है। ग्रुप्स में जोड़ने का अधिकार भी केवल चुने हुए कॉन्टैक्ट्स को मिलता है, जो स्पाईवेयर और फिशिंग से बचाता है। इसके साथ ही, बैकएंड में “कैलिडोस्कोप” सिस्टम फाइल्स की जांच करता है, जैसे PDFs में एम्बेडेड स्क्रिप्ट्स या मैलिशियस फॉर्मेट्स को फ्लैग करता है।

व्हाट्सएप ने रस्ट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को अपनाया है, जो स्पाईवेयर थ्रेट्स से सभी यूजर्स को सुरक्षित रखता है। यह फीचर सेटिंग्स > प्राइवेसी > एडवांस्ड से एक्टिवेट करें, लेकिन केवल प्राइमरी डिवाइस से। कुल मिलाकर, Whatsapp Cyber Security अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।

सिक्योरिटी विशेषज्ञ टकानोरी निशियामा का कहना है कि व्हाट्सएप जैसी प्लेटफॉर्म्स में छोटी कमजोरियां बड़े जोखिम पैदा कर सकती हैं, खासकर एशिया में जहां 90% से अधिक यूजर्स इसका इस्तेमाल करते हैं। मालवेयरबाइट्स के अनुसार, नई फाइल चेकिंग और रस्ट अपडेट ग्रुप चैट्स में मैलिशियस फाइल्स को रोकने में प्रभावी हैं। इंडियन CERT-In ने घोस्टपेयरिंग जैसे हमलों पर चेतावनी जारी की, जिसमें संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करने की सलाह दी।

व्हाट्सएप हेड विल कैथकार्ट ने मुकदमों को खारिज करते हुए कहा कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मजबूत है। ये राय बताती हैं कि Whatsapp Cyber Security में निरंतर सुधार आवश्यक है, लेकिन नई सुविधाएं एक सकारात्मक कदम हैं।

Whatsapp Cyber Security उपयोगकर्ताओं के लिए सुझाव

व्हाट्सएप साइबर सिक्योरिटी को अधिकतम करने के लिए स्ट्रिक्ट सेटिंग्स तुरंत चालू करें। ऑटोमैटिक मीडिया डाउनलोड बंद रखें और अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें। नियमित अपडेट्स इंस्टॉल करें तथा टू-स्टेप वेरिफिकेशन यूज करें। भारत जैसे देश में, जहां साइबर फ्रॉड बढ़ रहे हैं, ये कदम महत्वपूर्ण हैं। व्हाट्सएप साइबर सिक्योरिटी की ये नई परतें आपको सुरक्षित रखेंगी।

प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

यह अपडेट 3.5 अरब यूजर्स के लिए वरदान है, खासकर भारत में जहां व्हाट्सएप का दबदबा है। व्हाट्सएप साइबर सिक्योरिटी में ये बदलाव सिग्नल जैसी ऐप्स के स्तर पर ले जा सकते हैं। भविष्य में और AI-बेस्ड थ्रेट डिटेक्शन की उम्मीद है। आप इसे भी पढ़ें ⏩ ⏩ Google System Update Download: जनवरी 2026 के 5 गुप्त फीचर्स जो आपका Android बदल देंगे!

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