Google ने Google Android Source Code को लेकर एक बड़ा और रणनीतिक बदलाव किया है। अब कंपनी Android Open Source Project (AOSP) के तहत सोर्स कोड को साल में केवल दो बार जारी करेगी, जो अब तक के लगातार अपडेट वाले ओपन-डेवलपमेंट मॉडल से अलग है। यह नया फैसला प्लेटफॉर्म की स्थिरता बढ़ाने, सिक्योरिटी को मजबूत करने और Android डेवलपर्स को ज्यादा प्रेडिक्टेबल व बेहतर डेवलपमेंट अनुभव देने के उद्देश्य से लिया गया है।

Google का मानना है कि Google Android Source Code की यह नई रिलीज़ रणनीति Android इकोसिस्टम को अधिक संगठित, विश्वसनीय और लंबे समय तक टिकाऊ बनाएगी।

बदलाव का परिचय: Google Android Source Code में बड़ा अपडेट (2026)

Google ने Google Android Source Code रिलीज़ स्ट्रैटेजी में 2026 से एक बड़ा और डेवलपर-फ्रेंडली बदलाव किया है। अब तक Android Source Code हर तिमाही (Quarterly) जारी किया जाता था, यानी साल में चार बार। लेकिन नए सिस्टम के तहत अब यह साल में सिर्फ दो बार रिलीज़ होगा — Q2 (अप्रैल–जून) में एक बड़ा डेवलपर-केंद्रित अपडेट और Q4 (अक्टूबर–दिसंबर) में एक हल्का लेकिन कंज्यूमर-फोकस्ड रिलीज़

यह नया मॉडल trunk-stable डेवलपमेंट अप्रोच पर आधारित है, जिसमें मुख्य ब्रांच हमेशा रिलीज-रेडी रहती है। Google के अनुसार, इस बदलाव से कोड ब्रांच मैनेजमेंट की जटिलता काफी कम होगी, डेवलपर्स को ज्यादा स्टेबल, क्लीन और प्रेडिक्टेबल Google Android Source Code मिलेगा और OEMs के लिए Android अपडेट को अपनाना और तेज़ होगा।

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ऐतिहासिक संदर्भ : Google Android Source Code रिलीज़ में बड़ा बदलाव

अब तक Google की परंपरा रही है कि Pixel डिवाइसों पर OTA अपडेट जारी होने के 48 घंटों के भीतर Google Android Source Code (AOSP) सार्वजनिक कर दिया जाए। यह प्रक्रिया LineageOS, Pixel Experience और अन्य कस्टम ROM डेवलपर्स के लिए बेहद अहम रही है, क्योंकि इसी से वे नए Android वर्ज़न पर तेजी से काम शुरू कर पाते हैं। उदाहरण के तौर पर, Android 15 का Google Android Source Code सितंबर 2024 में लेबर डे के तुरंत बाद जारी कर दिया गया था, जिससे डेवलपर कम्युनिटी को समय पर अपडेट मिला।

लेकिन Android 16 QPR1 के मामले में यह स्थापित टाइमलाइन टूटती नजर आई। सोर्स कोड में हुई देरी ने डेवलपर्स और ओपन‑सोर्स कम्युनिटी में चिंता बढ़ा दी, हालांकि Google ने यह स्पष्ट किया कि Google Android Source Code आने वाले हफ्तों में उपलब्ध कराया जाएगा। अब सामने आया नया शेड्यूल और भी बड़ा संकेत देता है—इसके तहत Google Android Source Code रिलीज़ की आवृत्ति में लगभग 50% की कटौती हो सकती है।

यह बदलाव सिर्फ एक तकनीकी शेड्यूल नहीं, बल्कि 3 अरब से अधिक सक्रिय Android डिवाइसों वाले वैश्विक इकोसिस्टम पर गहरा असर डाल सकता है। कस्टम ROM डेवलपमेंट की रफ्तार, सिक्योरिटी पैच अपनाने की गति और ओपन‑सोर्स इनोवेशन—all कुछ इस नए मॉडल से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि Google इस संतुलन को कैसे साधता है।

कारण और लाभ

Google ने Google Android Source Code के रिलीज़ कैडेंस में बदलाव कर प्लेटफ़ॉर्म की स्थिरता, सुरक्षा और डेवलपमेंट एफिशिएंसी को नई दिशा दी है। इस नए अप्रोच का मुख्य उद्देश्य बार‑बार होने वाले मर्ज कॉन्फ्लिक्ट्स को कम करना और Android डेवलपमेंट को पहले से ज्यादा सरल, तेज़ और भरोसेमंद बनाना है। Google के प्रवक्ता के अनुसार, अब मल्टीपल ब्रांच मैनेजमेंट की जटिलता खत्म होगी, जिससे Google Android Source Code अधिक सुरक्षित और स्थिर बनेगा।

OEMs और चिपसेट पार्टनर्स के लिए यह बदलाव खास तौर पर फायदेमंद है, क्योंकि वे अब दो स्पष्ट और स्थिर डेवलपमेंट विंडोज पर फोकस कर सकेंगे। इससे CTS और VTS टेस्टिंग प्रक्रिया आसान होगी, प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन तेज़ होगा और डिवाइस लॉन्च टाइमलाइन बेहतर तरीके से प्लान की जा सकेगी।

सिक्योरिटी के मोर्चे पर भी Google ने भरोसा दिलाया है कि मासिक सिक्योरिटी पैच पहले की तरह नियमित रूप से जारी होते रहेंगे, इसमें किसी तरह की कटौती नहीं होगी। वहीं, Project Mainline के 30 से अधिक मॉड्यूल्स Google Play के ज़रिए लगातार अपडेट होते रहेंगे, जो सीधे तौर पर Google Android Source Code रिलीज़ पर निर्भर नहीं हैं।

आंकड़े और तथ्य: Android इकोसिस्टम पर बड़ा बदलाव

Google द्वारा Android Source Code रिलीज़ की रणनीति में किया गया बदलाव पूरे मोबाइल इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। जहां पहले Android Source Code को साल में 4 बार जारी किया जाता था, अब इसे घटाकर केवल 2 बार प्रति वर्ष कर दिया गया है — यानी करीब 50% की कमी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा सक्रिय Android डिवाइस उपयोग में हैं, जो इस बदलाव के प्रभाव को और भी व्यापक बनाता है।

आज Android के 30 से अधिक Mainline मॉड्यूल्स (जैसे Bluetooth, ART, Media और Security Components) सीधे सिस्टम अपडेट्स से जुड़े हुए हैं, जिससे कोड रिलीज़ की फ्रीक्वेंसी कम होना डेवलपर्स और OEMs के लिए एक रणनीतिक चुनौती बन सकता है। इसका असर हाल ही में सामने आया, जब Android 16 QPR1 अपडेट सामान्य 48 घंटे की बजाय एक सप्ताह से अधिक देर से जारी हुआ

इस पूरे बदलाव की आधिकारिक पुष्टि source.android.com पर दिखाई देने वाला बैनर भी करता है, जो यह साफ संकेत देता है कि Google अब Android Source Code मैनेजमेंट को ज्यादा नियंत्रित और केंद्रीकृत दिशा में ले जा रहा है। SEO और इंडस्ट्री के नजरिए से देखें तो यह बदलाव न सिर्फ Android अपडेट साइकिल को प्रभावित करेगा, बल्कि भविष्य में यूजर एक्सपीरियंस, सिक्योरिटी पैचिंग और डिवाइस सपोर्ट स्ट्रेटेजी पर भी गहरा असर डाल सकता है।

Google Android Source Code का द्वि-वार्षिक रिलीज Android को अधिक भरोसेमंद बनाएगा, खासकर trunk-stable मॉडल में। डेवलपर्स को android-latest-release ब्रांच का उपयोग करने की सलाह दी गई है। हालांकि, कस्टम ROM कम्युनिटी को अनुकूलन करना पड़ेगा। कुल मिलाकर, Google का AOSP कमिटमेंट मजबूत है, जो Google Android Source Code को ओपन-सोर्स बनाए रखेगा। यह बदलाव 2026 से लागू होगा, जो Android के भविष्य को आकार देगा।

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