फरवरी 2026 में जारी Chrome latest version का यह महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट दुनियाभर के 3 अरब से अधिक यूज़र्स के लिए बेहद जरूरी है। Google ने इस अलर्ट के ज़रिये Chrome ब्राउज़र को तुरंत अपडेट करने और रीस्टार्ट करने की सलाह दी है, ताकि हाई-सीवेरिटी सिक्योरिटी खामियों से बचा जा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अपडेट CVE-2026-1861 और CVE-2026-1862 जैसी गंभीर कमजोरियों को ठीक करता है, जिनमें libvpx से जुड़ा हीप बफर ओवरफ्लो और V8 इंजन में टाइप कन्फ्यूजन शामिल हैं।
डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए Google Chrome latest version 144.0.7559.132/.133 अब रोलआउट हो चुकी है। हालांकि Chrome अपने आप अपडेट हो जाता है, लेकिन ब्राउज़र को रीस्टार्ट किए बिना यह सुरक्षा पैच पूरी तरह सक्रिय नहीं होता। इसलिए, अगर आप ऑनलाइन सेफ्टी और डेटा प्रोटेक्शन को लेकर गंभीर हैं, तो तुरंत Chrome को अपडेट कर रीस्टार्ट करना बेहद जरूरी है।
Google Chrome Latest Version से पहले के वर्ज़न में गंभीर सुरक्षा खामियां
Google Chrome latest version से पहले के वर्ज़न में कई गंभीर सुरक्षा कमजोरियां सामने आई हैं, जिनमें race condition, use-after-free और cross-site scripting (XSS) जैसी खतरनाक समस्याएं शामिल हैं। खास तौर पर CVE-2026-1220, जो Chrome के V8 JavaScript इंजन से जुड़ी एक race condition है, हमलावरों को specially crafted JavaScript कोड के जरिए memory corruption और संभावित remote code execution का मौका दे सकती है।
वहीं Android यूज़र्स के लिए CVE-2026-0906 और भी खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि यह URL bar spoofing को संभव बनाती है, जिससे फिशिंग अटैक्स बेहद आसान हो जाते हैं।
इन vulnerabilities का प्रभाव केवल थ्योरी तक सीमित नहीं है—इनके ज़रिए डेटा चोरी, मालवेयर इंस्टॉलेशन और सिस्टम कंट्रोल तक संभव है। हालांकि Google Chrome latest version 144 और इसके बाद के अपडेट्स इन सभी खामियों को पैच करते हैं, लेकिन अपडेट का रोलआउट अक्सर कई दिनों या हफ्तों में पूरा होता है।
2026 में अब तक Chrome में सामने आ चुकी कई zero-day vulnerabilities यह साफ संकेत देती हैं कि ब्राउज़र को अपडेट किए बिना या रीस्टार्ट टालना यूज़र्स के लिए एक गंभीर सुरक्षा जोखिम बन सकता है।
नया Google Chrome सुरक्षा अलर्ट: तुरंत रीस्टार्ट करें, सुरक्षित रहें। Google ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट जारी किया है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को Google Chrome latest version पर अपग्रेड करने और ब्राउज़र को रीस्टार्ट करने की सलाह दी गई है। यह अलर्ट फरवरी 2026 में जारी उच्च-गंभीरता वाली कमजोरियों से जुड़ा है।
नई रिपोर्ट्स और ताज़ा जानकारियाँ
फरवरी 2026 तक, Google Chrome latest version 144.0.7559.132 Windows, Mac और Linux के लिए स्टेबल चैनल पर अपडेट हो चुकी है। Chrome Releases ब्लॉग के अनुसार, यह अपडेट 2 प्रमुख सिक्योरिटी फिक्सेस शामिल करता है, जिनकी रिपोर्ट Google और बाहरी शोधकर्ताओं ने की। Android पर 144.0.7559.132 उपलब्ध है, जबकि iOS पर 145.0.7632.41 स्टेबल है।
आंकड़ों की बात करें तो Chrome के 3.83 अरब उपयोगकर्ता हैं, जिसमें मोबाइल पर 68.34% मार्केट शेयर है। 2025 में Chrome ऐप के 83.89 मिलियन डाउनलोड्स हुए, और कुल 10 बिलियन से अधिक। मार्केट शेयर ट्रेंड इस प्रकार है:
Google Chrome latest version अपनाने से उपयोगकर्ता इन आंकड़ों में योगदान देते हुए सुरक्षित रहते हैं।
समस्या का विश्लेषण
Google Chrome latest version से पहले की संस्करणों में पाई गई कमजोरियां रेस कंडीशन, यूज आफ्टर फ्री और XSS से जुड़ी हैं। उदाहरणस्वरूप, CVE-2026-1220 V8 इंजन में रेस कंडीशन है, जो जावास्क्रिप्ट कोड को एक्सप्लॉइट कर मेमोरी करप्शन का कारण बन सकती है। इसी तरह, Android पर CVE-2026-0906 URL बार स्पूफिंग को सक्षम बनाती है, जिससे फिशिंग आसान हो जाती है।
इन कमजोरियों का प्रभाव गंभीर है: रिमोट कोड एक्जीक्यूशन, डेटा चोरी या मालवेयर इंस्टॉलेशन संभव। Google Chrome latest version 144 या उसके बाद की संस्करण इनको पैच करती हैं, लेकिन अपडेट रोलआउट धीरे-धीरे होता है—कई दिनों या हफ्तों में। 2026 में अब तक Chrome में कई जीरो-डे vulnerabilities मिल चुकी हैं, जो रीस्टार्ट की अनदेखी को जोखिमपूर्ण बनाती हैं।
अद्यतन समाचार और आंकड़े
फरवरी 2026 तक, Google Chrome latest version 144.0.7559.132 Windows, Mac और Linux के लिए स्टेबल चैनल पर अपडेट हो चुकी है। Chrome Releases ब्लॉग के अनुसार, यह अपडेट 2 प्रमुख सिक्योरिटी फिक्सेस शामिल करता है, जिनकी रिपोर्ट Google और बाहरी शोधकर्ताओं ने की। Android पर 144.0.7559.132 उपलब्ध है, जबकि iOS पर 145.0.7632.41 स्टेबल है।
आंकड़ों की बात करें तो Chrome के 3.83 अरब उपयोगकर्ता हैं, जिसमें मोबाइल पर 68.34% मार्केट शेयर है। 2025 में Chrome ऐप के 83.89 मिलियन डाउनलोड्स हुए, और कुल 10 बिलियन से अधिक। मार्केट शेयर ट्रेंड इस प्रकार है:
Google Chrome latest version अपनाने से उपयोगकर्ता इन आंकड़ों में योगदान देते हुए सुरक्षित रहते हैं।
अपडेट कैसे करें
Google Chrome latest version इंस्टॉल करने के सरल स्टेप्स:
- Chrome खोलें, ऊपर दाएं कोने में तीन डॉट मेनू पर क्लिक करें।
- “Help > About Google Chrome” चुनें।
- अपडेट चेक होगा; “Relaunch” पर क्लिक करें। Google Chrome latest version 144 दिखेगी तो सुरक्षित हैं।
रीस्टार्ट अनिवार्य है क्योंकि बैकग्राउंड अपडेट रनिंग ब्राउज़र में लागू नहीं होते। यदि “Relaunch” न दिखे, तो Google Chrome latest version पहले से इंस्टॉल है। टैब्स ऑटो रीओपन होंगे।
फोर्ब्स के Davey Winder जैसे विशेषज्ञ कहते हैं: “रीस्टार्ट न करना उच्च-गंभीरता वाली कमजोरियों को आमंत्रित करता है।” Google के Srinivas Sista ने पुष्टि की कि अपडेट रीस्टार्ट पर ही प्रभावी होते हैं। सिक्योरिटी फर्म SentinelOne और Cyberpress के अनुसार, V8 जैसी कोर कमजोरियां अरबों को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए Google Chrome latest version तुरंत अपनाएं।
मैलवेयरबाइट्स विशेषज्ञों का मत है कि Chrome की डिजिटल क्रेडेंशियल्स में flaws बिलियन्स को एक्सपोज करते हैं।
पुरानी Google Chrome latest version न अपनाने से फिशिंग, मालवेयर और डेटा लीक का खतरा। 2026 में 7+ जीरो-डे पहले ही पाए गए। रोकथाम: नियमित रीस्टार्ट, एक्सटेंशन्स लिमिट, सैंडबॉक्स फीचर्स इनेबल। Google Chrome latest version ऑटो-अपडेट पर निर्भर न रहें—मैन्युअल चेक करें।
Google Chrome latest version 144 अपनाकर आप सुरक्षित रहें। यह अलर्ट सभी प्लेटफॉर्म्स पर लागू है। तुरंत चेक करें और रीस्टार्ट करें। Google Chrome latest version न केवल तेज है बल्कि सबसे सुरक्षित भी।
आप इसे भी पढ़ें ⏩ ⏩ Google Pixel 10a Price आ गया! 5100mAh बैटरी + 48MP कैमरा @ ₹45,000 – Pixel 9a से बेहतर?
आप इसे भी पढ़ें ⏩ ⏩ Apple iPhone 17e Features Exposed: भारत में प्राइस, 48MP कैमरा और लीक डिटेल्स!