भारत का Indian Digital Payment Platform यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) 2016 में लॉन्च किया गया था, जिसने देश में डिजिटल लेनदेन की परिभाषा ही बदल दी। NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा संचालित UPI एक रीयल-टाइम पेमेंट सिस्टम है, जो मोबाइल ऐप्स के माध्यम से QR कोड स्कैन कर तुरंत और सुरक्षित मनी ट्रांसफर की सुविधा देता है।

2025–26 में UPI ने लगभग 177 अरब ट्रांजेक्शन पूरे किए, जिनकी कुल वैल्यू 230 लाख करोड़ रुपये रही। यह आंकड़े न केवल भारत में UPI की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाते हैं, बल्कि इसे दुनिया के सबसे सफल Indian Digital Payment Platform के रूप में स्थापित करते हैं। आसान उपयोग, तेज प्रोसेसिंग और बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर की क्षमता ने UPI को कैशलेस इंडिया की रीढ़ बना दिया है।

Indian Digital Payment Platform जापान में विस्तार की नवीनतम खबरें

Indian Digital Payment Platform UPI जापान में 2026 में ट्रायल लॉन्च

भारत की लोकप्रिय डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI (Unified Payments Interface) अब वैश्विक विस्तार की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ा रही है। 2026 में जापान में UPI का ट्रायल लॉन्च होने जा रहा है, जिसे NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और जापान की प्रमुख आईटी कंपनी NTT DATA के बीच साइन हुए MoU के तहत लागू किया जाएगा। इस साझेदारी के बाद भारतीय पर्यटक जापान में सीधे अपने भारतीय बैंक खातों से QR कोड स्कैन कर पेमेंट कर सकेंगे, जिससे कैश या इंटरनेशनल कार्ड पर निर्भरता कम होगी।

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Nikkei Asia की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2025 के बीच जापान आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 2 लाख से अधिक रही, और यही बढ़ता ट्रैवल ट्रेंड इस पहल की मुख्य वजह है। FY2026 में शुरू होने वाला यह ट्रायल पूर्वी एशिया में UPI का पहला आधिकारिक लॉन्च होगा, जो भारत-जापान डिजिटल फाइनेंस सहयोग को नई ऊँचाई देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल भारतीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि जापान के मर्चेंट्स को भी तेज़, सुरक्षित और रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम का लाभ मिलेगा।

Indian Digital Payment Platform UPI के आंकड़े: तेजी से विकास

भारतीय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म UPI (Unified Payments Interface) ने 2024–25 में इतिहास रच दिया है। इस अवधि में UPI के माध्यम से कुल 186 अरब ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए, जिनकी कुल वैल्यू ₹261 लाख करोड़ रही। यह आंकड़ा न सिर्फ भारत की डिजिटल इकोनॉमी की मजबूती दिखाता है, बल्कि UPI को दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ता Indian Digital Payment Platform भी बनाता है।

नवंबर 2025 में UPI पर 20.47 अरब ट्रांजेक्शन हुए, जिसमें दैनिक औसत लगभग 68.2 करोड़ लेनदेन का रहा। वहीं दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा और बढ़कर 21.63 अरब ट्रांजेक्शन तक पहुँच गया, जो लगातार बढ़ते यूजर ट्रस्ट और डिजिटल अपनाने को दर्शाता है। इससे पहले सितंबर 2025 में UPI ने पहली बार 20 अरब ट्रांजेक्शन का माइलस्टोन पार करते हुए लगभग $280 अरब की वैल्यू को भी क्रॉस किया था।

मार्केट शेयर की बात करें तो PhonePe करीब 48% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है, जबकि Google Pay और Paytm भी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। छोटे किराना स्टोर से लेकर बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक, UPI आज भारत में कैशलेस ट्रांजेक्शन की रीढ़ बन चुका है।

तेज़, सुरक्षित और रियल‑टाइम ट्रांजेक्शन की सुविधा ने UPI को ग्लोबल फिनटेक मॉडल के रूप में स्थापित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में UPI की यह ग्रोथ भारत को डिजिटल पेमेंट्स का वैश्विक लीडर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

Indian Digital Payment Platform अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए फायदे

भारतीय डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI अब जापान में भारतीय पर्यटकों के लिए यात्रा को और भी आसान बनाने जा रहा है। UPI in Japan की सुविधा से अब विदेशी मुद्रा बदलने या भारी मात्रा में कैश कैरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारतीय पर्यटक जापान में QR कोड स्कैन कर तुरंत सुरक्षित भुगतान कर सकेंगे, वह भी बिना किसी अतिरिक्त ट्रांजैक्शन फीस के।

यह सुविधा जापान के प्रमुख मर्चेंट नेटवर्क NTT DATA के माध्यम से लागू की जा रही है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, रिटेल स्टोर्स और टूरिस्ट स्पॉट्स पर UPI स्वीकार किया जाएगा। इससे न केवल भारतीय यात्रियों को कैशलेस और परेशानी‑मुक्त अनुभव मिलेगा, बल्कि जापान के पर्यटन उद्योग को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

सुरक्षा, स्पीड और सुविधा के मामले में UPI पहले ही भारत में भरोसेमंद सिस्टम साबित हो चुका है। अब जापान में इसका विस्तार भारतीय यात्रियों के डिजिटल लाइफस्टाइल से पूरी तरह मेल खाता है, जहाँ एक ही ऐप से पेमेंट, ट्रैकिंग और कंट्रोल संभव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI in Japan भारतीय टूरिज्म स्पेंडिंग को बढ़ाएगा और दोनों देशों के बीच डिजिटल पेमेंट सहयोग को नई ऊँचाई देगा।

NTT DATA के हेड मसानोरी कुरिहारा के अनुसार, यह पहल भारतीय पर्यटकों के लिए विदेशों में शॉपिंग को पहले से कहीं अधिक आसान बनाएगी और स्थानीय व्यापारियों को नए अंतरराष्ट्रीय ग्राहक देगी। वहीं, NPCI International Payments Limited (NIPL) के मैनेजिंग डायरेक्टर रितेश शुक्ला का कहना है कि यह कदम क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट को सरल, तेज़ और सुरक्षित बनाएगा, साथ ही UPI को एक सच्चे ग्लोबल डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करेगा।

PwC इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, UPI वित्त वर्ष 2027 तक प्रतिदिन 1 अरब से अधिक ट्रांजेक्शन का आँकड़ा छू सकता है, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा है, जो अंतरराष्ट्रीय रेमिटेंस सिस्टम को नया रूप दे सकता है और देश को वैश्विक फिनटेक लीडर के रूप में मजबूत करेगा।

UPI का वैश्विक विस्तार

Indian Digital Payment Platform UPI (Unified Payments Interface) अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से एक ग्लोबल डिजिटल पेमेंट नेटवर्क के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में UPI 8 देशों में सक्रिय है—भूटान, सिंगापुर, नेपाल, UAE, श्रीलंका, कतर, मॉरीशस और फ्रांस—जहाँ भारतीय नागरिक और स्थानीय यूजर्स दोनों ही आसान, सुरक्षित और रियल-टाइम ट्रांजैक्शन का लाभ उठा रहे हैं।

UPI की अंतरराष्ट्रीय पहुंच लगातार बढ़ रही है। नामीबिया, त्रिनिदाद और पेरू के साथ आधिकारिक समझौते हो चुके हैं, जबकि 10 से अधिक देशों के साथ बातचीत उन्नत चरण में है। वहीं, जापान में UPI का ट्रायल जल्द शुरू होने वाला है, जिससे पूर्वी एशिया में UPI की एंट्री तय मानी जा रही है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के Payments Vision 2025 के तहत लक्ष्य है कि UPI को 20 से अधिक देशों तक पहुंचाया जाए। यह कदम न सिर्फ भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैशलेस ट्रांजैक्शन, फिनटेक इनोवेशन और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स को भी नई दिशा देगा।

तेजी से बढ़ता UPI नेटवर्क भारत को ग्लोबल डिजिटल फाइनेंस लीडर के रूप में स्थापित कर रहा है, जहाँ कम लागत, उच्च सुरक्षा और तुरंत भुगतान जैसी खूबियाँ इसे अन्य अंतरराष्ट्रीय पेमेंट सिस्टम्स से अलग बनाती हैं।

चुनौतियां और भविष्य

Indian Digital Payment Platform UPI (Unified Payments Interface) को जापान जैसे सख्त रेगुलेटरी और हाई‑टेक मार्केट में एंट्री मिलना भारत की डिजिटल क्रांति के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। जापान में UPI को रेगुलेटरी अप्रूवल, साइबर सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स और इंटरऑपरेबिलिटी जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा, लेकिन इसका लो फेलियर रेट, रियल‑टाइम सेटलमेंट और UPI Lite जैसे फीचर्स इसे अन्य ग्लोबल पेमेंट सिस्टम्स से ज्यादा मजबूत बनाते हैं।

2026 के बजट में डिजिटल पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल एक्सपेंशन के लिए सब्सिडी बढ़ाने की मांग की जा रही है, जिससे UPI की ग्लोबल पहुंच और तेज हो सकती है। जापान में UPI की उपलब्धता से भारतीय पर्यटकों को कैशलेस और आसान भुगतान, स्थानीय व्यापारियों को तेज और सुरक्षित ट्रांजेक्शन, और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को कम लागत वाले क्रॉस‑बॉर्डर पेमेंट्स का सीधा लाभ मिलेगा।

Indian Digital Payment Platform UPI जापान के जरिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान को रीडिफाइन कर रहा है और यह दिखाता है कि भारत का डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर अब ग्लोबल स्टेज पर प्रतिस्पर्धी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में UPI एक ग्लोबल डिजिटल पेमेंट स्टैंडर्ड के रूप में उभर सकता है, जो भारत की टेक्नोलॉजी‑ड्रिवन ग्रोथ का मजबूत वैश्विक प्रमाण है।

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